दिल्ली सरकार के 5.5 लाख कोरोना केस वाले दावे को AIIMS डायरेक्टर ने किया खारिज, बोले- अनुमान से कम बढ़ेंगे मरीज


कोरोना महामारी से जूझ रही राजधानी दिल्ली के लिए थोड़ी राहत की खबर है। एम्स के डॉयरेक्टर डॉक्टर रणदीप गुलेरिया का मानना है कि दिल्ली में कोरोना के मामले अधिक होंगे, लेकिन उतने मरीज नहीं होंगे जितना दिल्ली सरकार ने अनुमान लगाया है। डॉ. गुलेरिया ने दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के 31 जुलाई तक दिल्ली में साढ़े पांच लाख मामले होने के अनुमान के बारे में पूछने पर यह जवाब दिया है।


बेड बढ़ाने की जरूरत : राजधानी में कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए एम्स निदेशक डॉ. गुलेरिया ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली में हमें अपने अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाने की जरूरत है, ताकि मामले बढ़ने पर कोई बड़ी समस्या खड़ी न हो।


सावधान! 'जुलाई या अगस्त में अपने पीक पर पहुंच सकते हैं कोरोना के केस'


इससे पहले दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा था कि राजधानी दिल्ली में 31 जुलाई तक कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या साढ़े पांच लाख तक पहुंच सकती है। उन्होंने यह भी कहा था कि इसके लिए 80 हजार बेड की जरूरत होगी।


300 मरीज इमरजेंसी में आ रहे 


एक सवाल के जवाब में डॉक्टर गुलेरिया ने यह भी कहा कि एम्स में अभी हम हर रोज एक हजार मरीजों को फोन पर परामर्श दे रहे हैं। 45 हजार लोगों को ईमेल पर जवाब दिया है। हर रोज 300 मरीज हमारी इमरजेंसी में आ रहे हैं। अभी ओपीडी और रूटीन सर्जरी शुरू होने में समय लग सकता है। हमारे डॉक्टरों से लोग हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकते हैं। इनमें से जिन मरीजों का लगता है कि उन्हें बुलाकर देखा जाना चाहिए तो हम अस्पताल बुला लेते हैं


31 जुलाई तक 80 हजार बेड की जरूरत


गौरतलब है कि इससे पहले दिल्ली सरकार ने कहा था कि आने वाले समय में कोरोना दिल्ली में बहुत तेजी से फैलने वाला है। बीते मंगलवार को राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) की बैठक में पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में 15 जून तक 44 हजार केस हो जाएंगे, जो अभी 31 हजार हैं। 30 जून तक एक लाख, 15 जुलाई तक 2.25 लाख केस और 31 जुलाई तक 5.32 लाख कोरोना केस हो जाएंगे। इसे देखते हुए 15 जून तक 6681, 30 जून 15000 बेड, 15 जुलाई तक 33 हजार और 31 जुलाई तक 80 हजार बेड की जरूरत होगी।


वहीं शुक्रवार को देश और दिल्ली में तेजी से बढ़ रहे कोरोना के मामलों पर सर गंगा राम अस्पताल के उपाध्यक्ष डॉ. एस.पी. ब्योत्रा ने कहा कि कोरोना का प्रकोप जल्दी थमने वाला नहीं है। हमें जुलाई के शुरुआत या मध्य में अथवा संभवतः अगस्त में संक्रमण के मामले अपने पीक पर हो सकते हैं। इसके अलावा, मेरा अगले साल की पहली तिमाही तक वैक्सीन भी नहीं आने का अनुमान है।