शराब की दुकानें खुलने के बाद महिलाओं ने भी सरकार से पार्लर खोलने की मांग की है। महिलाओं का कहना है कि महिला और पुरुष एक ही गाड़ी के दो पहिए होते हैं। अगर एक पहिया भटककर दारू की दुकान पर जा सकता है तो दूसरे पहिए को भी पूरा हक है कि वो पार्लर तक हो आए।
सरकार ने दो महीने बाद शराब की दुकानें खोलने का फैसला किया तो तमाम दारूबाज़ों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी और वो खुद भी ठेकों की तरफ दौड़ पड़े। उनकी खुशी देखकर अब महिलाओं ने भी सरकार से ब्यूटी पार्लर खोलने की अपील की है। महिलाओं का कहना है कि जब शराब की दुकानें खुल सकती हैं तो फिर ब्यूटी पार्लर क्यों नहीं? वैसे भी बिना थ्रेडिंग और हेयर कलर कराए हम में से बहुत सी महिलाएं सुर्पनखा की चचेरी बहन लगने लगी हैं।
रात में सुसु करने उठे बच्चे अचानक मां को देख लेने पर डर के मारे टॉइलट पहुंचने से पहले ही पजामे गीले कर दे रहे हैं। राष्ट्रीय ब्यूटी पार्लर महिला संगठन की प्रेजिटेंड आईब्रो देवी ने बताया कि सरकार को शराब की दुकानों के साथ-साथ ब्यूटी पार्लर भी खोलना चाहिए था। लॉकडाउन के कारण पतियों के पैसे कम खर्च हो रहे हैं और वे बचे पैसे सिर्फ दारू पीने में ही खर्च कर रहे हैं। आप जानते हैं कि महिला और पुरुष एक ही गाड़ी के दो पहिए होते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि अगर एक पहिया भटककर दारू की दुकान पर जा सकता है तो दूसरे पहिए को भी पूरा हक है कि वो पार्लर तक हो आए। महिलाओं के इस फैसले का समर्थन ऑल इंडिया बेवड़ा असोसिएशन के अध्यक्ष कालूराम ने भी किया। उन्होंने कहा कि अब महिलाओं के लिए ब्यूटी पार्लर खोल देने चाहिए। पुरुष शराब पीकर घर जाता है और बिना मेकअप के बीवी को देखते ही सारा नशा उतर जाता है। इस कारण बिना बात के पैसे खराब हो रहे हैं और मजा भी नहीं आ रहा।
वहीं सरकार के अधिकारी चुलबदन सिंह ने नाम ना छापने की शर्त पर हवाबाजी को बताया कि दारू के ठेके खुलने पर जिस तरीके से लोगों की भीड़ पड़ी और फिर पुलिस बुलाई गई। सरकार को आशंका है कि अगर ब्यूटी पार्लर खोल दिए गए तो एक साथ तीनों सेनाएं न बुलानी पड़ जाएं। बस इसी कारण सरकार ने अभी इस पर कोई फैसला नहीं किया है।